अमानक वर्ण

अमानक वर्ण   Hindi grammar questions  for competitive exam  part-5   1  शुद्ध वर्तनी    2 . अमानक वर्ण   (i)  - शुद्ध वर्तनी ➨ बर्तन की शुद्ध " वर्तनी " क्या है ?   बर्तन का शुद्ध वर्तनी ➨ "बर्तन " का शुद्ध वर्तनी   "बरतन " है ∣   (ii) . अमानक वर्ण - हिंदी में बहुत से ऐसे वर्ण हुआ करते थे ,जो की वर्तमान समय में चलन में नहीं है ,अथवा हिंदी के मूल वर्णो में शामिल नहीं है।  इस प्रकार के  सभी वर्ण " अमानक वर्णो " की श्रेणी में  आते हैं Ι  अर्थात वे   " वर्ण " जो पूर्व में तो मान्य रहे हो ,परन्तु वर्तमान वर्णमाला के दृस्टीकोण   से मान्य न  होते हो , अमानक वर्ण है ।     अमानक वर्ण क्या है ➨ ऐसे वर्ण जिनका कोई " मानक " न हो , तथा जो सर्वमान्य न हो " अमानक " वर्ण है , अथवा ऐसे वर्ण जिनका पहले तो मानक रहा हो परन्तु वर्तमान समय में उनका कोई " मानक " न  हो अमानक वर्ण कहलाते है ।   अमानक वर्ण किसे  कहते है ➨ जब कोई वर्ण वर्तमान परिपेक्ष्य  के मानकों  पर खरा नहीं उतरता अथवा

शैशवावस्था

 शैशवावस्था

uptet/mptet/rtet/ctet/htet/pgt/tgt/prt


शैशवावस्था

शैशवावस्था



short notes Part-8  

नमस्कार दोस्तों , इस आर्टिकल में हमने "शैशवावस्था  " के प्रश्नों का एक - एक करके संकलन किया है। साथ ही इस पीडीऍफ़ में हमने " बाल विकास और शिक्षा शास्त्र " के सभी topics को विषयवार cover किया है। इस नोट्स की विशेषता यह है , कि - इसमें आपको पढ़ने , समझने और याद करने में आसानी होगी। कियोकि इन नोट्स को आपके बालविकास एवं  शिक्षा - शास्त्र को समझने और याद करने की समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 

शैशवावस्था की परिभाषा

शैशवावस्था बालक की  5 -6  वर्ष की एक  ऐसी अवस्था होती है , जिसमे बालक का शारीरिक और मानसिक विकास बहुत तेज़ गति से होता है। इस अवस्था में बालक का सांवेगिक विकास भी तीव्र गति से होता है। इस अवस्था में बालक के मस्तिष्क का 90 % प्रतिशत विकास हो जाता है। 

इसके अलावा कुछ मनोवैज्ञानिकों ने शैशवावस्था को निम्न प्रकार से परिभाषित  किया है। 
  •  वेलेनटाईन के अनुसार - शैशवावस्था सीखने का आदर्श काल है। "
  •  रॉस के अनुसार - " किशोरावस्था शैशवावस्था की पुरावृति है। "
  •  फ्राइड के अनुसार - "बालक को जो बनना है , वह प्रारंभिक 4 -5  वर्षो में बन जाता  है। "
  •  वाटसन के अनुसार - " शैशवावस्था की सीखने की गति अन्य अवस्थाओं से अधिक होती है। "

 शैशववस्था किसे कहते है

1 - शैशवावस्था -  " शैशवावस्था " का समयकाल - " जन्म से  5 या 6  वर्ष तक की अवस्था " का माना  जाता है। इस अवस्था में प्रारंभ  के तीन - 3 वर्ष में यानी कि - पूर्व शैशवावस्था  में  बालक का विकास - ( शारीरिक विकास और मानसिक विकास ) बहुत ही तीव्र गति से होता है। 

पूर्व शैशवावस्था - का समयकाल  जन्म से तीन वर्ष _) होता है। 

 शैशवावस्था -  का समयकाल  ( तीन वर्ष से छै वर्ष)होता है।

➣  इस अवस्था में बालक का शारीरिक विकास और मानसिक विकास बहुत ही तीव्र गति से होता है।  साथ ही अवस्था में बालक में कुछ प्रमुख प्रवत्तियाँ पायी जाती है। 

 जैसे कि -  अनुकरण करने की प्रवत्ति , किसी दूसरे के शब्दो को वैसे का वैसा ही दोहराने की प्रवत्ति , जिज्ञासा की प्रवत्ति होना , भाषा को सीखना अथवा सीखने की कोशिश करना। इसके साथ ही साथ इस अवस्था में बालक की - समाजीकरण होना भी आरम्भ हो जाता है।  

  अनुकरण  करने की प्रवत्ति  ⬇


 शैशवावस्था
 शैशवावस्था
  जिज्ञासा  करने की प्रवत्ति  ⬇
शैशववस्था किसे कहते है

शैशववस्था किसे कहते है


भाषा को सीखने की प्रवत्ति  ⬇
शैशवावस्था की परिभाषा
शैशवावस्था की परिभाषा

 समाजीकरण की प्रवत्ति  ⬇
पूर्व शैशवावस्था
पूर्व शैशवावस्था


शैक्षिक की दृस्टि से शैशवावस्था -  शैशवावस्था  को शिक्षा की दृस्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण समझा जाता है।  कियोकि इस अवस्था में ही बालक के विकास की नीव और शिक्षा की नीव पड़ती है।  इस लिए बालविकास में इस अवस्था को शिक्षा की दृस्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। 


दोस्तों , SHORT - NOTES के इस आर्टिकल में  बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र के इस टॉपिक जिसका नाम "शैशवावस्था " है,को  हमने बहुत ही SHORT में समझा है। अतः यदि आप बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र के SHORT - NOTES  का अगला आर्टिकल  देखना चाहते है ,तो नीचे दी गयी लिंक पर CLICK करें।

बाल - विकास-SHORT NOTES - ALL PART (CLICK HERE)



यदि आप " बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र " के विस्तृत नोट्स चाहते है , तो नीचे दी गयी लिंक पर क्लिक करे। जिसमे " बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र" सभी टॉपिक को कवर किया गया है। साथ ही इस नोट्स की विशेषता यह है , कि इसमें आपको समझने में और याद करने में किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन नोट्स को बनाया ही इस तरह गया है , कि ये तुरंत समझ में आये और याद हो जाए।




इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अमानक वर्ण

sanskrit varnamala mock test

प्रौढ़ावस्था किसे कहते हैं