अमानक वर्ण

अमानक वर्ण   Hindi grammar questions  for competitive exam  part-5   1  शुद्ध वर्तनी    2 . अमानक वर्ण   (i)  - शुद्ध वर्तनी ➨ बर्तन की शुद्ध " वर्तनी " क्या है ?   बर्तन का शुद्ध वर्तनी ➨ "बर्तन " का शुद्ध वर्तनी   "बरतन " है ∣   (ii) . अमानक वर्ण - हिंदी में बहुत से ऐसे वर्ण हुआ करते थे ,जो की वर्तमान समय में चलन में नहीं है ,अथवा हिंदी के मूल वर्णो में शामिल नहीं है।  इस प्रकार के  सभी वर्ण " अमानक वर्णो " की श्रेणी में  आते हैं Ι  अर्थात वे   " वर्ण " जो पूर्व में तो मान्य रहे हो ,परन्तु वर्तमान वर्णमाला के दृस्टीकोण   से मान्य न  होते हो , अमानक वर्ण है ।     अमानक वर्ण क्या है ➨ ऐसे वर्ण जिनका कोई " मानक " न हो , तथा जो सर्वमान्य न हो " अमानक " वर्ण है , अथवा ऐसे वर्ण जिनका पहले तो मानक रहा हो परन्तु वर्तमान समय में उनका कोई " मानक " न  हो अमानक वर्ण कहलाते है ।   अमानक वर्ण किसे  कहते है ➨ जब कोई वर्ण वर्तमान परिपेक्ष्य  के मानकों  पर खरा नहीं उतरता अथवा

भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf


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भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
short notes Part-14    

नमस्कार दोस्तों , इस आर्टिकल में हमने "भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf " के प्रश्नों का एक - एक करके संकलन किया है। साथ ही इस पीडीऍफ़ में हमने " बाल विकास और शिक्षा शास्त्र " के सभी topics को विषयवार cover किया है। इस नोट्स की विशेषता यह है , कि - इसमें आपको पढ़ने , समझने और याद करने में आसानी होगी। कियोकि इन नोट्स को आपके बालविकास एवं  शिक्षा - शास्त्र को समझने और याद करने की समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 

   हरलॉक के अनुसा " भाषा में सम्प्रेषण के वे  सभी साधन आते है। , जिसमे विचारो और भावों  प्रतीकात्मक बना दिया जाता है । जिससे की अपने विचारों और भावों अर्थ पूर्ण ढंग से कहा जा सके। "

हरलॉक के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
हरलॉक के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf




स्किनर के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

स्किनर के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

चोमस्की के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

चोमस्की के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

" जो बच्चे लम्बी अवधि तक बीमार होते है ,उनकी भाषा विकास की गति धीमी होती है ,और भाषा विकास कमजोर होता है ∣अतः बच्चो का स्वास्थ्य  जितना अच्छा होगा ,उनमे भाषा विकास की गति उतनी तीव्र होती है Ι "


स्मिथ , लॉवेल और मार्क केले  अनुसार - - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

हरलॉक के अनुसार- भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
 हरलॉक के अनुसार- भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
स्पाइकर और इरविन के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

स्पाइकर और इरविन के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf



टरमैन , फिशर और याम्बा के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

टरमैन , फिशर और याम्बा के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf




गैसिल और जरशील्ड अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf


गैसिल और जरशील्ड अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

स्किनर के अनुसार -  

" अनुबंध द्वारा भाषा विकास की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है "

चोमस्की के अनुसार  

" बच्चे शब्दों की निश्चित संख्या से कुछ निश्चित नियमो अनुकरण करते हुए वाक्यों का निर्माण करना सीख जाते है । इन शब्दों से नए नए वाक्यों एवं शब्दों का निर्माण होता है। "इन वाक्यों का निर्माण बच्चे जिन नियमो के अंतरगर्त करते है , उन्हें "चोमस्की " ने " जेनेरेटिवे ग्रामर " संज्ञा प्रदान की है ।

स्मिथ , लॉवेल और मार्क केले  अनुसार 


हरलॉक के अनुसार

 " जिन बच्चो का बौद्धिक स्तर (iq) उच्च होता है , उनमे भाषा विकास अपेक्षाकृत कम बुद्धि वालों से अच्छा होता है।  "

स्पाइकर और इरविन के अनुसार 

" बुद्धिलब्धि और भाषा सम्बन्धी योग्यता में घनिष्ट सम्बन्ध है। "

टरमैन , फिशर और याम्बा के अनुसार  " तीव्र बुद्धि  के बालकों का उच्चारण और शब्द भंडार अधिक होता है "

 

गैसिल और जरशील्ड अनुसार  " उच्च वर्ग के  शिशु ( सामाजिक और आर्थिक स्थति में उच्च ) जल्दी बोलना सीखते है , अधिक बोलते है ,तथा इनका उच्चारण शुद्ध होता है Ι "

इरविन और चेन के अनुसार 

  " प्रथम वर्ष में बालक एवं बालिकाओ की भाषा में कोई अंतर नहीं होता है , लेकिन दूसरे वर्ष से बालिकाओ की क्षमता बालको से अधिक हो जाती है । "


इरविन और चेन के अनुसार - भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf

mock test



1 - यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?



कथन - "  भाषा में सम्प्रेषण के वे  सभी साधन आते है। , जिसमे विचारो और भावों  प्रतीकात्मक बना दिया जाता है । जिससे की अपने विचारों और भावों अर्थ पूर्ण ढंग से कहा जा सके। "



 (A) जीन पियाजे

 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

 (C)  हरलॉक

 (D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

 (E) इनमे से कोई नहीं 


             उत्तर देखें   -           



2 - यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?



कथन -  " अनुबंध द्वारा भाषा विकास की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकता है "



 (A) स्किनर 

 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

 (C)  हरलॉक

 (D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

 (E) इनमे से कोई नहीं 


             उत्तर देखें   -          





3  - यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?

कथन - "  जेनेरेटिवे ग्रामर " की संज्ञा किसने दी है ?


 (A) जीन पियाजे

 (B) चोमस्की  

 (C)  हरलॉक

 (D) लॉरेन्स कोहलबर्ग

 (E) इनमे से कोई नहीं 


             उत्तर देखें   -           

4  - यह कथन किस मनोवैज्ञानिक का है ?

कथन - " जो बच्चे लम्बी अवधि तक बीमार होते है ,उनकी भाषा विकास की गति धीमी होती है ,और भाषा विकास कमजोर होता है ∣अतः बच्चो का स्वास्थ्य  जितना अच्छा होगा ,उनमे भाषा विकास की गति उतनी तीव्र होती है Ι "



 (A) जीन पियाजे

 (B) डॉ श्रीधरनाथ मुखर्जी 

 (C)  हरलॉक

 (D) 
स्मिथ , लॉवेल और मार्क केले  अनुसार

 (E) इनमे से कोई नहीं 


             उत्तर देखें   -             


दोस्तों , SHORT - NOTES के इस आर्टिकल में  बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र के इस टॉपिक जिसका नाम "भाषा शिक्षण के सिद्धांत pdf " है,को  हमने बहुत ही SHORT में समझा है। अतः यदि आप बाल - विकास एवं शिक्षा शास्त्र के SHORT - NOTES  का अगला आर्टिकल  देखना चाहते है ,तो नीचे दी गयी लिंक पर CLICK करें।

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