अमानक वर्ण

अमानक वर्ण   Hindi grammar questions  for competitive exam  part-5   1  शुद्ध वर्तनी    2 . अमानक वर्ण   (i)  - शुद्ध वर्तनी ➨ बर्तन की शुद्ध " वर्तनी " क्या है ?   बर्तन का शुद्ध वर्तनी ➨ "बर्तन " का शुद्ध वर्तनी   "बरतन " है ∣   (ii) . अमानक वर्ण - हिंदी में बहुत से ऐसे वर्ण हुआ करते थे ,जो की वर्तमान समय में चलन में नहीं है ,अथवा हिंदी के मूल वर्णो में शामिल नहीं है।  इस प्रकार के  सभी वर्ण " अमानक वर्णो " की श्रेणी में  आते हैं Ι  अर्थात वे   " वर्ण " जो पूर्व में तो मान्य रहे हो ,परन्तु वर्तमान वर्णमाला के दृस्टीकोण   से मान्य न  होते हो , अमानक वर्ण है ।     अमानक वर्ण क्या है ➨ ऐसे वर्ण जिनका कोई " मानक " न हो , तथा जो सर्वमान्य न हो " अमानक " वर्ण है , अथवा ऐसे वर्ण जिनका पहले तो मानक रहा हो परन्तु वर्तमान समय में उनका कोई " मानक " न  हो अमानक वर्ण कहलाते है ।   अमानक वर्ण किसे  कहते है ➨ जब कोई वर्ण वर्तमान परिपेक्ष्य  के मानकों  पर खरा नहीं उतरता अथवा

Environment gk In Hindi

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Environment And Ecology In Hindi

Environment Study In Hindi
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Part-8 


नमस्कार दोस्तों , ये - " ecology and environment " विषय का आठवाँ   आर्टिकल (Articleहै। इसमें    भी  पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण   से सम्बंधित most important questions and Answer को सम्मलित किया  गया है। जिसके अंतरगर्त विभिन्न  पर्यावरणीय विषय ( Environmental Issues) जैसे कि -Climate Change ,Environmental Protection,Environmental Education,Environment Essay  आदि को एकसाथ शामिल किया गया है। जो कि आपके  "competitive Exams "  जैसे कि - CTET/MPTET/UPTET/RTET/PSC/UPSC/MPSC/SSC/RAILWAY/STATE EXAMS  के लिए  उपयोगी साबित  होगा। 

Environment Quiz Questions and answers in Hindi
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1 - दाँत ➤ सामन्यतः   दाँत 4 प्रकार के होते है ।  जिनकी  कुल संख्या 32 होती है । 



कृंतक दाँत - कृंतक दाँत  4 प्रकार के होते है । जिसमे ऊपरी भाग में 2 दो दांत और नीचे के भाग में दो दांत होते है ।  इन चारो दांतो को " कृंतक दाँत " कहा जाता है । सामान्य भाषा में " कृंतक " शब्द का मूल अर्थ होता है -  " कुतरना " । अर्थात ऐसे दाँत जो किसी  वस्तु को कुतरने क्षमता रखते है , वे  " कृंतक दाँत " कहलाते है ।


Article on Environment
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कृंतक दांत चूहों और गिलहरी जैसे जीवों में पूणतः विकसित पाए जाते है । जैसा कि  हम जानते है कि चूहों में और गिलहरी में " कुतरने " की प्रवत्ति पायी जाती है , कियोकि उनके दांत उस प्रकार से विकसित है । 

2 - रदनक दांत ➤  कृंतक दांतो के बगल में दाए तरफ और बाए तरफ जो चार दांत होते है , जिनमे  दो दांत दायी तरफ होते है , और  दो दांत बायीं तरफ होता है , वे चारो दांत " रदनक दांत " कहलाते है ।

रदनक दाँत के नाम में " रदनक " का सामन्य अर्थ होता है - " चीरना " या  " फाड़ना " । अर्थात ऐसे दांतो का प्रयोग - चीरने और फाड़ने में किया जाता है । इस प्रकार के दांत  शेर में  पूर्ण विकसित पाए जाते है , साथ ही साथ ऐसे दांतो का विकसित रूप हमे - " कुत्तों " में भी दिखाई देता है । इस प्रकार हम कह सकते है , कि  वे सभी जानवर जो कि  " हिंसक " प्रवत्ति के होते है , उनमे इस प्रकार के " रदनक दांत " पाए जाते है । इन सभी हिंसक  जानवरों के लिए - " रदनक दांत " शिकार करने में बहुत ही सहायता प्रदान करने है , इनकी मदत से ये शिकार को आसानी से  चीर - फाड़ कर सकते है ।
3 - अग्रचवर्णक दांत ➤    अग्रचवर्णक दांतो की कुल संख्या " 8 " आठ होती है I जिनमे चार  " अग्रचवर्णक - दाँत " मुख में दायी तरफ और 4 अग्रचवर्णक दांत मुख में बायीं और होती है ।  ये दांत मुख्य रूप से  भोजन को " पीसने " का कार्य करते है ।  अर्थात  " अग्रचवर्णक दांत " का प्रयोग मुख्य रूप से किसी  भोज्य पदार्थ को पीसने के लिए होता है ।
4 - चवर्णक दाँत      अग्रचवर्णक दांतो के ठीक बाद मुख में  " चवर्णक दांत " पाए जाते है ।  इस  " चवर्णक दांत " को सामन्य भाषा में हम " अक्ल दाड़ " कहते है ।  चवर्णक दांतो का मुख्य रूप से  भोजन को " चबाने " का कार्य होता है ।  " चवर्णक  दांतो " का नाम " चवर्णक " भी इसलिए पड़ा है , कियोकि इनका कार्य मुख में भोजन को अच्छी  से चबाना होता है । जब भोजन को ठीक प्रकार से चबाया जाता है , तब वह अच्छी तरह से पाचन क्रिया कर पाता है ।


current Environmental Issues
current Environmental Issues

5 - रक्त समूह  ➤     रक्त समूह की खोज सर्वप्रथम " लैंडस्टीनर " ने सन - 1900 में की थी । रक्त समूह की खोज करने के लिए "लैंडस्टीनर " को सन - 1930  " नोबल पुरस्कार " से नवाजा गया ।
(1 ) " O ब्लड ग्रुप " ➤  " O ब्लड ग्रुप " वाले लोग किसी भी " ब्लड ग्रुप " वाले इंसान को इसलिए " ब्लड " देने में सक्षम होते है , कियोकि उनके " ब्लड " में " एंटीजन " नहीं पाया जाता है । जिससे कि वह रक्त किसी अन्य ब्लड ग्रुप वाले इंसान की शरीर में जाकर हानिकारक प्रभाव नहीं करता है ।
(2 ) " A B blood group " ➤ " AB " रक्त समूह वाले लोग किसी भी अन्य  " रक्त समूह " वाले इंसान का रक्त इसलिए ले सकते है , कियोकि - उनके शरीर में " एंटी बॉडी " नहीं बनती है , जिससे कि जब ये लोग किसी अन्य रक्त समूह के इंसान से ब्लड लेते है , तो  उस रक्त समूह से इनके " एंटीजन " किसी भी प्रकार की प्रति क्रिया नहीं करते है , जिससे की वह रक्त समूह इनके शरीर में स्वीकार कर लिया जाता है । कियोकि समस्या वहां होती है - जबकि " रक्त " में कोई एंटीबाडी हो , जो कि  रक्त की अन्य " एंटीजन " से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया करे ।
(3 ) संयोजी ऊतक ➤ रक्त एक तरल " संयोजी ऊतक " है I संयोजी ऊतक वह होता है , जो कि बहुत सारी चीजों को मिलाने का कार्य करता है ।  एक 1  यूनिट 300 ग्राम रक्त में - लगभग - " 100 " ग्राम प्लाज्मा निकलता है । ये प्लाज्मा  " पीले रंग " का होता है । इस प्लाज्मा में - प्रोटीन और जल पाया जाता है । 


6 - न्यूरोलॉजी  ➤    न्यूरोलॉजी के अंतरगर्त सामन्य तोर पर मुख्यत- तंत्रिका के तंत्र का अध्ययन किया जाता है । 
7 - सार्कोलॉजी ➤    सार्कोलॉजी के अंतरगर्त मुख्यतः - सजीवों  की  मासपेशियो  का  अध्ययन किया जाता है ।  
मुख्य -परियोजनाएं 


About Environment
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उत्तर प्रदेश के परियोजाएँ 

1 - चिल्ला परियोजना  - चिल्ला परियोजना  " चिल्ला नदी " पर स्थित है ।
2 - राम गंगा परियोजना - राम गंगा परियोजना - " राम गंगा नदी " पर स्थित है ।
3 - रेहिंद परियोजना - रेहिंद परियोजना " रेहिंद नदी " पर स्थित है । 
4 - माता टीला परियोजना - माता टीला परियोजना - " बेतवा नदी " पर स्थित है । 
note - माता - टीला परियोजना के दो अन्य नाम भी है , जो की इस प्रकार है ।
1 -  राजघाट परियोजना   2 -  रानी लक्ष्मी बायीं परियोजना

मध्यप्रदेश की परियोजनाएं 

1 - बारगी परियोजना - " बारगी परियोजना ' बारगी नदी पर स्थित है ।
2 - पेच परियोजना - " पेंच परियोजना " पेंच नदी पर स्थित है ।
3 - बाण सागर परियोजना - " बाण सागर परोयोजना " सोन नदी पर स्थित है ।
4 - गाँधी सागर परियोजना - गांधी सागर परियोजना - " चम्बल नदी " पर स्थित है ।
5 - महेस्वर परियोजना - महेस्वर परियोजना - " नर्मदा नदी " पर स्थित है ।

Environmental Protection
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उत्तराखड की परियोजना 

1 - कोटेश्वर परियोजना - " कोटेश्वर परियोजना " भागीरथी " नदी पर स्थित है ।
2 - तनकपुल परियोजना - टनकपुल परियोजना  " काली नदी " पर स्थित है ।
3 - लखवर व्यासी परियोजना - लखवर व्यासी परियोजना " यमुना नदी " पर स्थित है ।
4 - विष्णु गण पीपल कोटि परियोजना - " विष्णुगण पीपल कोटि परियोजना " - अलखनंदा नदी पर स्थति है ।
5 - मलेरी झेलम परियोजना - मलेरी झेलम परियोजना " ढोली गंगा नदी पर स्थित है ।



पंजाब की परियोजना - 
1 - पोंग परियोजना - " पोंग परियोजना " व्यास नदी पर स्थित है ।


दोस्तों , ये - " ecology and environment " विषय का आठवाँ   आर्टिकल (Articleहै। इसमें    भी  पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण   से सम्बंधित most important questions and Answer को सम्मलित किया  गया है। जिसके अंतरगर्त विभिन्न  पर्यावरणीय विषय ( Environmental Issues) जैसे कि -Climate Change ,Environmental Protection,Environmental Education,Environment Essay  आदि को एकसाथ शामिल किया गया है। जो कि आपके  "competitive Exams "  जैसे कि - CTET/MPTET/UPTET/RTET/PSC/UPSC/MPSC/SSC/RAILWAY/STATE EXAMS  के लिए  उपयोगी साबित  होगा।  यदि आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा तो इसके आगे के भागो के लिए नीचे दी गयी लिंक्स पर क्लिक करें। धन्यवाद




Environmental Education
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