अमानक वर्ण

अमानक वर्ण   Hindi grammar questions  for competitive exam  part-5   1  शुद्ध वर्तनी    2 . अमानक वर्ण   (i)  - शुद्ध वर्तनी ➨ बर्तन की शुद्ध " वर्तनी " क्या है ?   बर्तन का शुद्ध वर्तनी ➨ "बर्तन " का शुद्ध वर्तनी   "बरतन " है ∣   (ii) . अमानक वर्ण - हिंदी में बहुत से ऐसे वर्ण हुआ करते थे ,जो की वर्तमान समय में चलन में नहीं है ,अथवा हिंदी के मूल वर्णो में शामिल नहीं है।  इस प्रकार के  सभी वर्ण " अमानक वर्णो " की श्रेणी में  आते हैं Ι  अर्थात वे   " वर्ण " जो पूर्व में तो मान्य रहे हो ,परन्तु वर्तमान वर्णमाला के दृस्टीकोण   से मान्य न  होते हो , अमानक वर्ण है ।     अमानक वर्ण क्या है ➨ ऐसे वर्ण जिनका कोई " मानक " न हो , तथा जो सर्वमान्य न हो " अमानक " वर्ण है , अथवा ऐसे वर्ण जिनका पहले तो मानक रहा हो परन्तु वर्तमान समय में उनका कोई " मानक " न  हो अमानक वर्ण कहलाते है ।   अमानक वर्ण किसे  कहते है ➨ जब कोई वर्ण वर्तमान परिपेक्ष्य  के मानकों  पर खरा नहीं उतरता अथवा

ganna meaning

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1-  ganna meaning 

Hindi name - "ganna " गन्ना "meaning in english  ➨ " sugarcane  ganna means sugarcane


ganna ko english me kya kehte hain

ganna ko english me kya kehte hain ➤   sugarcane 

 Hindi name ( हिंदी में नाम) ➤ गन्ना 
 how to pronounce in Hindi  ➤ ganna
हिंदी में उच्चारण है  ➤   " gannna " 
अतः इस प्रकार  " ganna " का  अंग्रेजी भाषा में अर्थ  होगा  " sugarcane "  

 English name ( अंग्रेजी नाम ) ➤   " sugarcane " 
 How to pronounce in English ➤   " शुगर-केन "
 अंग्रेजी में उच्चारण होगा      ➤   " शुगर - केन "

sugarcane meaning in hindi  ➤   " गन्ना " 


sugarcane meaning in hindi



 गन्ना ➤   गन्ना उत्पादन की दृस्टि से  भारत का विश्व में दूसरा स्थान है ।  इस  सारणी में पहला स्थान  " ब्राजील " देश का है । ब्राजील  देश  का  " गन्ना  उत्पादन " करने वाले देशों में सर्वप्रथम स्थान आता है , जबकि हमारे देश का दूसरा स्थान आता है । 
गन्ना  उत्पादन करने वाले देशों में तीसरा स्थान " चीन " का आता है , वहीं  " पाकिस्तान " का  5 वां  " पांचवां " स्थान आता है ।
गन्ना  हमारे देश की  " नगदी फसलों " में गिनी जाती है ।  क्योकि  गन्ने से  शक़्कर  बनायी जाती है , साथ ही गुड़ और शराब भी बनायी जाती है । इसलिए  " गन्ना  " एक नगदी फसल है ।

गन्ना एक  " खरीफ " की फसल है ।

ganne ka juice in english  ➤    sugarcane juice

ganne ka juice in english


गन्ने के रस के फायदे  ➨ गन्ने का रस  हमारे शरीर के लिए अत्यंत लाभ दायक होता है I गर्मियों के दिनों में  हम गन्ने का रस पीकर बहुत ही तरो-ताज़ा महसूस करते है । जहां हम गन्ने का रस  पीकर तरो - ताज़ा महसूस करते है , वही दूसरी ओर गन्ना हमारे शरीर के लिए किसी औषधि से भी कम नहीं है । कियोकि गन्ने के रस के हमारे शरीर को अच्छा रखने के इतने फायदे है , जिनके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते है । गन्ने के रस  के यही औसधिय गुण हमारे शरीर को भी बीमारियों से बचाने में सक्षम होते है और बचाते है ।  इसमें केल्सियम कोबाल्ट , पोटेसियम , विटामिन , फायबर तथा जिंक जैसे मिनरल पाए जाते है , जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदे मंद होते है ।  गन्ने का रस पीकर हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल जाती है , कियोकि गन्ने के रस में " गलूकोज "  मात्रा भी पायी जाती है , जिससे कि  हमारे शरीर में तुरित रूप में ऊर्जा का संचार होता है । और हम ऊर्जावान महसूस करते है । गन्ना गर्मियों में हमारे शरीर का  " तापमान " को नियंत्रित करने में मदत करता है ।  गन्ने का रस पीने से जहां शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है , वही दूसरी  ओर  गर्मी के  कारण जब हमारे हृदय की गति  अनियंत्रित होजाती है , तो गन्ना  हृदय गति को नियंत्रित करने में शरीर की मदत करता है ।
गन्ने के रस  का प्रयोग हम  गर्मी के दिनों में करते है । इसलिए गर्मी के दिनों में जब भी हमारे शरीर का तापमान , गर्मी के कारण बढ़ जाता है , तब उस समय " गन्ने का रस  " जहां हमारे शरीर का तापमान नियंत्रित करता है , वही शरीर को ठंडा बनाये रखता है । गर्मी के मौसम में  जब हमारे  शरीर को ' लपट " और  " गर्म हवा " लगने से , तबियत खराब हो जाए , तब भी गन्ने के रस से हमारे शरीर को बहुत ही फायदा पहुँचता है ।
साथ ही साथ  " गन्ने का रस  " हमारे शरीर को - " लपट " और  " हीट - स्ट्रोक " से भी बचाये रखने में हमारे शरीर की बहुत मदत करता है । लपट और हीट - स्ट्रोक गर्मियों के दिनों में बहुत भयंकर काल के रूप में हमारे सामने आते है ,इनसे बचने के लिए हमे भिन्न - भिन्न प्रकार के उपाय करना चाइये ।
गर्मियों के दिनों में हमे इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि  हम जब भी  दोपहर 12 बजे से  3 बजे के बीच घर से निकले तो इस बात का ध्यान रखे , कि  - घर से निकलने से पहले - पानी , या जूस अवश्य पिए । उसके बाद ही घर से निकले । साथ ही साथ - अपने मुँह और शरीर को कपडे से ढक्क्कर निकले । जिससे कि  गर्म हवा आपके शरीर में कानों  द्वारा प्रवेश ना करे , अथवा  शरीर  स्पर्श न करे ।
अतः  हमे इस प्रकार की विभिन्न छोटी - छोटी बातों  का विशेष ध्यान अवश्य रखना चाहिए , जिससे की हम हमारे शरीर को  भयावह गर्मी , लपट , और हीट स्ट्रोक से बचा पाए ।


नगदी फसल ➤ गन्ना हमारे देश की एक  " नगदी - फसल " है । अर्थात  " गन्ना  " ( sugarcane ) को हमारे देश में एक नगदी फसल के रूप में जाना जाता है । विश्व में गन्ने का उत्पादन करने में हमारे देश स्थान " दूसरा " है , यानी कि  हमारे देश में  " गन्ने " का उत्पादन बहुत ही अधिक मात्रा में होता है । जहां हम ये देखते है , कि  हमारे देश में गन्ने का उत्पादन बहुत अधिक मात्रा में होता है , वही दूसरी  ओर हम ये भी देखते है , कि  हमारे देश में  " गन्ना " के किसानों  को पिछले दिनों कुछ समस्याओं से सामना करना पड़ा है I  किसानो की ये समस्याएं  ' उत्पादन दृस्टि ' से कम  और " आर्थिक " दृस्टि से अधिक होती है । यदि हम " गन्ना " के किसानों की इन समस्याओं को दूर कर दे तो हमारा देश " गन्ना " के  उत्पादन में " ब्राजील " से भी पहले स्थान पर आने की संभवनंना रखता है , कियोकि हमारे देश में  " गन्ना  उत्पादन " से सम्बंधित सम्भवनाये बहुत है ।
यदि हमने इस ओर ठीक प्रकार से ध्यान दिया तो हमारे देश में गन्ने का उत्पादन बहुत बढ़ जाएगा । इससे जहां एक और किसानो को फायदा होगा , वही दूसरी और औद्योगिक फायदा भी होगा , जिससे हमारे देश की  " आर्थिक वृद्धि " होगी ।


लेखक की कलम से -   गन्ना हमारे देश की प्रमुख फसलों में से एक फसल है । भारत में गन्ने को एक प्रकार से  " नगदी फसल " के रूप में जाना जाता है । गन्ना एक  ' खरीफ " फसल है । आजकल   गन्ना किसानो को भिन्न प्रकार की समस्याओ से जूझना पद रहा है । इन सभी समस्याओ में मुख्य रूप से आर्थिक समस्याएं है । यदि हम इन समस्याओं को समाप्त करने का प्रयास करे , ये प्रयास चाहे किसी भी प्रकार का होसकता है - सरकारी अथवा सामाजिक । 
यदि हम इस दिशा में प्रयास करे तो हमारा देश  " गन्ने ' के उत्पादन में प्रथम स्थान में आने का सामर्थ्य रखता है ।






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