अमानक वर्ण

अमानक वर्ण  Hindi grammar questions for competitive exam part-5




1  शुद्ध वर्तनी    2 . अमानक वर्ण 

 (i)  -शुद्ध वर्तनी ➨ बर्तन की शुद्ध " वर्तनी " क्या है ?
बर्तन का शुद्ध वर्तनी ➨ "बर्तन " का शुद्ध वर्तनी   "बरतन "है ∣

  (ii) . अमानक वर्ण - हिंदी में बहुत से ऐसे वर्ण हुआ करते थे ,जो की वर्तमान समय में चलन में नहीं है ,अथवा हिंदी के मूल वर्णो में शामिल नहीं है।  इस प्रकार के  सभी वर्ण " अमानक वर्णो " की श्रेणी में  आते हैं Ι
 अर्थात वे   " वर्ण " जो पूर्व में तो मान्य रहे हो ,परन्तु वर्तमान वर्णमाला के दृस्टीकोण   से मान्य न  होते हो , अमानक वर्ण है ।
अमानक वर्ण क्या है ➨ ऐसे वर्ण जिनका कोई " मानक " न हो , तथा जो सर्वमान्य न हो " अमानक " वर्ण है , अथवा ऐसे वर्ण जिनका पहले तो मानक रहा हो परन्तु वर्तमान समय में उनका कोई " मानक " न  हो अमानक वर्ण कहलाते है ।

अमानक वर्ण किसे  कहते है ➨ जब कोई वर्ण वर्तमान परिपेक्ष्य  के मानकों  पर खरा नहीं उतरता अथवा वर्तमान में स्वीकार वर्णमाला में शामिल न  हो , अथवा पूर्व में स्वी…

sanskrit varnamala mock test

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part- 1

संस्कृत वर्ण


हैलो दोस्तों , संस्कृत भाषा के इस भाग में हम संस्कृत भाषा की " वर्णमाला को समझेगे । संस्कृत भाषा की वर्णमाला एवं हिंदी भाषा की वर्णमाला बहुत ज़्यदा अंतर देखने को नहीं मिलता है । यदि हम हिंदी वर्णों  में अंत में विसर्ग  प्रयोग करते है , तो  वे " संस्कृत वर्ण " बन जाते है । इसलिए यदि आपकी ' हिंदी भाषा " की वर्णमाला पर पकड़ अच्छी है , तो आपको संस्कृत भाषा को पढ़ने , लिखने , बोलने में आसानी रहेगी । 


 note➨ " mock test " वर्णमाला के नीचे है I

1 - वर्ण की परिभाषा -  धवनि का वह लघुतम अंश जो अंखंडित हो (जिसके खंड न किये जा सके ) , वर्ण कहलाता है I



उदाहरण के लिए - शब्द  " रामः " में कुल 5 वर्ण है , अर्थात ये कुल 5 वर्णो से मिलकर बना है ।

ऱ+आ + म +अ +ः  ( विसर्ग को "स" से उच्चारित करते है )  = " रामः "
ये पांचो वर्ण अखंडित है , जो कि  " रामः " वर्ण का निर्माण करते है ।


2 -  संस्कृत वर्णमाला में कुल 13 स्वर ( अ ,आ ,इ ,ई ,उ ,ऊ ,ऋ ,लृ ,ऋ(रिरी  ) , ए ,ऐ ,ओ , औ ) आदि होते है ।
3-  इसके साथ ही संस्कृत वर्णमाला के कुल  "33 हल " (व्यंजन ) इस प्रकार है ।


संस्कृत वर्णमाला


⇒ ऊषम वर्ण  -    ये वे वर्ण  होते है , जिनका उच्चारण करने में हमारे मुख से गर्म हवा निकलती है , इसलिए ऐसे वर्ण " ऊषम वर्ण " कहलाते है ।



4 - +  4 चार अयोगवाह  इस प्रकार है ।

1 -  ∸   -   अनुस्वार 

2 -  ः       -   विसर्ग 

3 -    ≍  -  " जिव्हामूलीय  "  क 

4 -   ≍  -  " उपध्मानीय " प 


➨ इस प्रकार कुल 

अच्  (स्वर )           =   13 

हल  ( व्यंजन )      =   33 

अयोगवाह             =  4 

कुल वर्ण                =     50 


नोट - अयोगवाह वर्णो का योग " प्रत्याहार " सूत्रो में नहीं होता है I


5 - अच् (स्वर ) कुल 3 (तीन ) प्रकार के होते है ।

(1) ह्स्व स्वर  - ( short  vowels )

(2) दीर्घ स्वर - ( long vowels )

(3) प्लुत स्वर -  ( protracted vowels )


(1) ह्स्व स्वर - " ह्स्व स्वर " के अंतरगर्त निम्नलिखित  " वर्ण " आते है ।
अ , इ , उ , ऋ , लृ   आदि 5 पांच वर्ण  आते है ।



(2 ) दीर्घ स्वर - (long vowels ) - दीर्घ स्वर के अन्तरगर्त निम्नलिखित वर्ण आते है ।
आ , ई , ऊ , ए , ,ओ  , औ ,ऐ , ऋ (रीरी )   आदि  8 आठ प्रकार वर्ण आते है ।


(3) प्लुत स्वर  -    प्लुत स्वरों को लिखने के  दीर्घ स्वरों के आगे "३ "  का चिन्ह का प्रयोग किया जाता है ।
जैसे कि -  ओ३ म      


6 - उच्चारण काल ( उच्चारण में लगने वाला समय ) अथवा मात्रा के अनुसार  इन्हे निम्न लिखित रूपों में वर्गीकृत  गया है ।


( 1 )  ह्स्व स्वर (अच् )    =   " एक " (1 ) मात्रा का होता है ।

(2 ) दीर्घ  स्वर ( अच् )    =   " दो "  (2 ) मात्राओं का होता है ।

(3 ) प्लुत स्वर  ( अच् )  =    " तीन" मात्राओं " का होता है ।

(4 ) व्यंजन वर्ण (हल )  =    " आधी " मात्रा का होता है ।

7 - मात्राओं के आधार पर " बढ़ते क्रम " में वर्णो को  इस प्रकार लिखा जाएगा I

व्यंजन ➝  ह्स्व स्वर ➝ दीर्घ स्वर ⟶  प्लुत स्वर 


नोट -  मात्राओं से तातपर्य उन वर्णो को उच्चारण करते समय लगाने वाला  " समय " कितना होता है , से है ।

8 - उदात्त स्वर -  उदात्त स्वरों को  " तालु " द्वारा उच्चारित  किया जाता है ।


9 - अनुदात्त स्वर -  " अनुदात्त स्वर " को  मुख के निम्न भागो से उच्चारित किया जाता है ।


10 - स्वरित स्वर - इन्हे मुख के  मध्य भाग से उच्चारित किया जाता है ।



11 -  कण्ठ्य वर्ण -  कंठ / गले से बोले जाने वाले वर्ण 

स्वरों में -  आ , अ 

व्यंजन में - कवर्ग -  क , ख ,ग , घ , ङ

ऊष्म वर्णो में -  " ह " और " विसर्ग " लगे वर्ण l

12 -  कंठतालव्य -  गले और तालु से बोले जाने वाले वर्ण " कंठ तालव्य " कहलाते है । वर्णमाला में गले और तालु से बोले जाने वाले वर्ण निम्नलिखित इस प्रकार है ।


ऐ , ए 

13 -  कण्ठोसठय  ( ओदोतो :कंठोष्ठम )  -   इसके अंतरगर्त  गले और ओंठ से बोले जाने वाले वर्ण आते है । जैसे कि -  औ , ओ  आदि के उच्चारण में गले और ओंठ का प्रयोग होता है ।


14 -  तालव्य वर्ण ( इचुयशानां तालु ) -  इसके अंतरगर्त उन " वर्णो " को शामिल किया जाता है , जिनका उच्चारण मुख के " तालु " द्वारा होता है । वे इस प्रकार है 



स्वरों में - इ , ई 

व्यंजनों में - चवर्ग - च , छ , ज , झ , ઞ

अंतःस्थ व्यंजन में - " य " वर्ण 

उषम व्यंजनों में -  ' ष " वर्ण  आदि वर्ण आते है I


15 -  मूर्धन्य वर्ण ( ऋटुरशानां मूर्धा ) -  " मूर्धन्य वर्ण " के अंतरगर्त उन वर्णो को शामिल  किया जाता है , जिनका उच्चारण करने में " जीभ' के ऊपरी भाग के तालु " का प्रयोग किया जाता है ।


जैसे कि -  

   स्वरों में  =  ऋ   और  ऋ(रीरी)

   व्यंजनों में =     टवर्ग = ट , ठ , ड ,ढ , ण   आदि आते है ।

   अन्तस्थ व्यंजनों में =  " र "  आता है ।

 उषम व्यंजनों में = " ष "

16 - दन्त्य वर्ण (लरतुलशानां दन्ताः ) -  ऐसे वर्ण जिनका उच्चारण करने में " दांतो " का प्रयोग हो , ' दन्त्य वर्ण "  कहलाते है ।


जैसे कि -

स्वरों में =  " लृ " 

व्यंजनों में = 'तवर्ग "

तवर्ग = त , थ ,द ,ध ,न 

अन्तस्थ व्यंजनों में =  " ल  "

स्पर्श व्यंजनों में =  " स " 

आदि सभी वर्णो का उच्चारण करने में " दांतो " का प्रयोग किया जाता है ।


18- ओष्ठ्य वर्ण (अपूपध्मानीयानमोषठो) - ओष्ठ्य वर्ण (अपूपध्मानीयानमोषठो) के अंतरगर्त इस प्रकार के वर्णो को शामिल किया जाता है , जो कि  मुख में " ओष्ठ्य " की सहायता से बोले जाते है । इसमें निम्नलिखित वर्णो को शामिल किया जाता है ।


जैसे कि -

स्वरों में - उ , ऊ 

व्यंजनों में - पवर्ग 

पवर्ग -  प  , फ , ब , भ  , म 

उपध्मानीय वर्णो में -  प ≍

  आदि सभी प्रकार के वर्णों को उच्चारित करने में ओंठ का प्रयोग किया जाता है ।

19 - नासिक्य वर्ण - (ઞमङणनानां नासिका च / नासिकानुस्वारस्य ) -   नासिक्य वर्ण - वर्ण के अंतरगर्त ऐसे वर्णों को शामिल किया जाता है , जिनका उच्चारण " नाक " से किया जाता है ।



व्यजनो में - व्यंजनों में कवर्ग से लेकर पवर्ग तक के वर्णो में हर वर्ग का  पाँचवा " 5 वा " वर्ण इसके अंतरगर्त आता है ।

जैसे कि -

 कवर्ग का पाँचवा वर्ण " ङ "  है I

इसी प्रकार व्यंजन में  हर वर्ग का " पांचवा वर्ण " नासिक्य वर्ण के अंतरगर्त आता है ।

जिसमे -  , ઞ, ण , न , म ,  आदि वर्ण  आते है ।

 अनुस्वार वर्णो में  - "  ∸ "  को भी नासिक्य व्यंजन को शामिल किया जाता है ।

20 - दन्तोष्ठ्य वर्ण - ( वकारस्य दन्तोष्ठ्म ) - इसके अंतरगर्त ऐसे वर्ण आते है , जिनका उच्चारण करते समय " दांत और ओष्ठ्य " का प्रयोग किया जाता है । 


जैसे कि - अंतस्थ्य व्यंजन (हल ) =  " व "

वर्ण " व " का उच्चारण करते समय दांत और ओष्ठ्य दोनों का प्रयोग होता है ।


21 - स्वर  -  स्वरों के दो प्रकार के रूप अथवा स्वरुप होते है । इनमे एक रूप वह होता है , जिसमे स्वरों को उनके मूलरूप में ठीक वैसा ही लिखा जाता है , जैसे कि वे है । वही दूसरी ओर जब स्वरों का प्रयोग व्यंजनों में जोड़कर मात्राओं के रूप में किया जाता है । चूँकि हर स्वर की अपनी अलग - अलग मात्राएँ होती है । 
जब स्वरों को व्यंजनों के वर्णो में जब जोड़ा जाता है , तब वे वर्ण  पूर्णतः " व्यंजन "  बन पाते है । 

जब किसी वर्ण  को बिना " स्वरों '  सहायता से लिखा जाता है , तब उसमे " हलन्त ' प्रयोग किया जाता है । 

साथ ही बिना स्वर के बने वर्णो "को  व्यंजन नहीं  या स्वीकार किया जाता है ।

note -    

(1 ) अनुस्वार (∸) और विसर्ग (:)  को लेखन की दृस्टि से स्वर एवं उच्चारण की दृस्टि से " व्यंजन " माना जाता है I

(2 ) स्वर " लृ "  का कोई मात्रा रूप नहीं होता है , इसलिए इसे मूलस्वरूप में वैसा का वैसा ही ' व्यंजनों " में प्रयोग किया जाता है ।


संस्कृत वर्णमाला



प्रश्न - उत्तर  

प्रश्न 1 -  धवनि का वह लघुतम अंश जो अंखंडित हो (जिसके खंड न किये जा सके ) ,क्या  कहलाता है I

(A )  वर्ण 

(B)  शब्द 

(C)  भाषा 

(D)  बोली 

                          

प्रश्न 2  -  शब्द  " रामः " में कुल कितने  वर्ण है  ?

(A)  4

(B)  5

(C)  3

(D)  2

                          


प्रश्न 3  -  संस्कृत वर्णमाला में कुल कितने अच् ( स्वर ) होते है ? 

(A ) 11

(B)  12

(C)  13

(D)  10

                          


प्रश्न 4 -  " लृ " क्या है ?

(A ) स्वर 

(B) व्यंजन 

(C)  स्वर और व्यंजन  दोनों 

(D)  इनमे से कोई नहीं ।

                          

प्रश्न 5  -  संस्कृत वर्णमाला में कुल कितने प्रकार के हल (व्यंजन ) होते है ?

(A ) 35 

(B)  33

(C)  36

(D)  30 

                          

प्रश्न 6  -  वे वर्ण जिनके उच्चारण करते समय  हमारे मुख से " गरम हवा " निकलती है , क्या कहलाते है ?

(A )  उष्म वर्ण 

(B)  सयुक्त व्यञ्जन 

(C)  सभी प्रकार के स्वर 

(D)  इनमे से कोई भी नहीं ।

                          

प्रश्न 7  -  ह्स्व , दीर्घ , और प्लुत  निम्न में से किसका वर्गीकरण किया गया है ?

(A ) अयोगवाह का 

(B)  स्वरों का 

(C)  व्यंजनों का 

(D)  स्वर और व्यंजन दोनों का ।

                          

प्रश्न 8  -  व्यंजन वर्ण कितनी मात्रा का होता है ?

(A ) आधी 

(B)  एक 

(C)  दो 

(D)  इनमे से कोई भी नहीं 丨

                          

प्रश्न 9 -  ह्स्व स्वर कितनी मात्रा का होता है ?

(A ) तीन 

(B)  एक  

(C)  दो 

(D)  आधी 

                          

प्रश्न 10 -  " प्लुत स्वर " कितनी मात्राओं का होता है ?

(A ) 1

(B)  2

(C)  3

(D)  4

                          

 संस्कृत मॉक टेस्ट पार्ट - 2 


संस्कृत मॉक टेस्ट पार्ट 2

 

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